Essay Of Education In Hindi

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तनाव-मुक्त विद्यालय | Stress-free school

कोई भी ऐसे कारण जो कि बच्चों को विद्यालय जाने से रोक सकते हैं उन कारणों का निदान करने हेतु विद्यार्थियों को वर्दियां, जूते, किताबें, लेखन सामग्री, बस सेवा और मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करवाए जाते हैंI एक स्वस्थ शरीर और मन को सुनिश्चित करने के लिए योग, ध्यान, खेल और नृत्य, संगीत और चित्रकारी जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यालय के पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा हैंI |

बच्चों को घरों में कुछ नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता हैI आर्ट ऑफ़ लिविंग द्वारा बच्चों के लिए कार्यक्रम आर्ट एक्सेल (Art Excel) छात्रों के इन संभावित नकारात्मक प्रभावों को संबोधित करने हेतु नियमित रूप से आयोजित किया जाता हैI बाह्य चिकित्सा सुविधाएं और एक चलायमान औषधालय भी उपलब्ध करवाए गये हैंI

छात्रों को देश की राजनीतिक पद्धति से अवगत कराने हेतु एवं उन को नेतृत्व कुशलता से परिपूर्ण करने के लक्ष्य से छात्रों का एक मंत्री मंडल संगठित किया जाता है जिसका चुनाव छात्र गण स्वयं करते हैंI इस प्रणाली के माध्यम से बच्चें भारतीय शासन की जनतांत्रिक प्रणाली के बारे में व्यवहारिक रूप से ज्ञान अर्जित करते हैंI यह मंत्री मंडल लघु कक्षाओं के संचालन का दायित्व भी संभालता है और साथ साथ विद्यालय के दैनिक कार्य में योग दान भी देता हैI

बालिका शिक्षा

शिक्षा हर मनुष्य के लिए अत्यन्त अनिवार्य घटक है। बिना शिक्षा के मनुष्य को पशु की श्रेणी में रखा जाता है। शिक्षा की जब बात आती है तो आज भी ऐसे सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जिससे शिक्षा में असमानता मिल जाएगी। प्राचीन काल में नारी शिक्षा अथवा बालिका शिक्षा का विशेष प्रबंध था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व तक बालिका शिक्षा की स्थिति अत्यन्त सोचनीय थी।

बालिका शिक्षा का हमारे देश में अत्यन्त महत्व है। आज भी हमारे देश में लड़के और लड़कियों में भेदभाव किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों मे तो लड़कियों की स्थिति सोचनीय हो जाती है। ग्रामीण परिवेश में लोग शिक्षा के महत्व से परिचित नहीं हो पाते हैं। उनकी दृष्टि में पुरूषों को शिक्षा की जरूरत होती है क्योंकि वे नौकरी करने अथवा काम करने बाहर जाते हैं, जबकि लड़कियां तो घर में रहती हैं और शादी के बाद घर के काम-काज में ही उनका ज्यादातर समय बीत जाता है।

आज समय तेजी से बदल रहा है। पुरूषों के बराबर स्त्रियों की भी शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार द्वारा ऐसे अनेक योजनाएँ चलाए जा रहे हैं जिससे बालिकाओं के निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। लोगों में जागरूकता फैलाने का काम स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही हैं। आम चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है। इन सब ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों का रूझान पढ़ाई की ओर कर दिया है। आज की लड़कियां घर और बाहर दोनों को संभाल रही हैं। सरकार द्वारा बालिका कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चलाए जा रहे हैं।

इन सब का परिणाम है कि दो दशक पूर्व और आज के बालिकाओं की स्थिति की तुलना करें तो हमें क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई पड़ेंगे । आज का समाज तेजी से बदल रहा है। आज महिलाओं को पुरूषों के समकक्ष माना जा रहा है। बालिका शिक्षा से आज देश प्रगति की ओर बढ़ रहा है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न जैसी घटनाओं में कमी और जागरूकता आयी है। महिलाओं को समाज के अभिन्न अंग के रूप में पूरे विश्व में स्वीकार किया जाने लगा है। अतः हम पूरे विश्व में कहीं भी चले जाएंगे ऐसे परिवर्तन दिख जाएंगे ।

March 31, 2016evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages8 CommentsHindi Essay

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